how to start a youtube channel for beginners hindi- Tips

मुझे पता है कि एक बार जब आप YouTube चैनल शुरू करने और YouTuber बनने का निर्णय लेते हैं, तो बहुत सारे सवाल आपके दिमाग पर भारी पड़ने लगते हैं।

मैं YouTube चैनल कैसे बनाऊं?

मेरा चैनल का नाम क्या हो गया?

मेरा चैनल किस बारे में होगा?

YouTuber बनने के लिए मुझे क्या चाहिए?

apko in sab ki basic jankari to bahut sare blogs and youtube pe mil jayenge lekin starting me kitni problems hoti hain iski jankari koi nahi dega.

Doston hum sabko pata hai 99% log youtube channel paise kamane ke liye hi karte hai aur sayad aap bhi paise kamane ke liye hi youtube channel start karna chah rahe hai. isme koi sarm ki baat nahi hai lekin jyada paise kamane ke lalach me begineers bahut sare mistakes karte hai maine bhi kayi baar aisi mistakes kiye aur iska khamiyaja bhi bhugatana para

to aaj main apko bataunga ki aisi mistakes mat kro taki apko bhi meri tarah khamiyaja bhugatna pare

  1. Unique content

Doston you tube me croro chennals hai aur aap jis niche pe video banana chah rahe ho uspe bhi bahut sare videos mil jayenege aise me apko video rank kare iski possibility bahut kam hoti hai aise main apka content unique hoga to wo video jaldi rank karega

2. Not having passance

doston youtube koi aladin ka chirag nhi hai jo aap ek din me crorepati ban jaoge uske liye apko din mahine saal mehnat regularly karte rehne parega ho sakta hai saal bhi lag jaye apke youtube channel ko grow krne me par kabhi himmat nahi harna chahiye

3. video and audio quality

Doston agar apke channel ki video and audio quality achhi nahi hogi to ho sakta hai apka channel jaldi grow na kare . bahut sare youtuber and blogger apko recommoned karenge ki app mobile ke hi video bana ke grow kar sakte ho. ye sach hai but 100% nahi. ye possible tabhi hoga jab ap professional ho. agar mobile ki video and audio quality itni achhi hoti to maximum youtuber dslr and mic use nahi karte. main apko yahi suggest karunga starting ke 1 month ap apna mobile use kro aur jab apka confidence build ho jaye to ap professional youtuber ki tarah achhe equipment me jarur invest kare taki apke subscriber apke sath bane rahe sath hi sath naye subscriber bhi aassani se jur sake.

4. Confidence

Doston starting me hamara confidence bahut low hota aur wo aur bhi jyada low ho jata hai jab 10-20 video upload karne ke baad bhi views and likes nahi aate. aur fir apna rasta bhatak jate hai aur jaldi jaldi earn karne ke chakkar me hum galti pe galti karte jate hai aur hum fir kabhi success nahi ho pate hai. so doston hamesa positive mind set me rahe aur apna confidence build kare ho sake to jyada se jyada apna face video hi banaye taki apka confidence bhi jaldi build hoga aur apka branding bhi ho jayega

5. In consistency

doston starting me jab hume utni jyada success nahi milti hai to hum haar manne lag jate hai aur aur fir timliy video upload nahi karte hai jisse hamare subscriber bhi humko bhul jate hai aur wo naye subscriber ko join kar lete hai, siliye starting me ap kosiis kare daily video upload krna agar aap dusre kaam me jyada busy hai to atleast 1 video ek week me to jarur upload kar de.

6. not good equipment

Doston achhe videos banane ke liye achhe equipment ka bhi hona jaruri hota hai, starting me hamare aap equipmenet nahi hone ke karan hamar video utna perfect nahi hota hai jitna hum banana chahte hai.

7. not promoting channel

List of best and cheap equipments and applications must have to create youtube

  • a good youtube channel name
  • camera ( at starting you can use your mobile camera)

  • mic
  • tripod for mobile
  • tripod for camera
  • ring light
  • ring
  • green screen

  • video editor
  • thumbnail maker

CA कैसे बने ? जानें CA बनने का पूरा प्रोसेस- How to Become a Chartered Accountant

10+2 कम्पलीट करने के बाद बहुत सारे स्टूडेंट आपस में ये सवाल करते हुए सुने जाते है की आपकी 12वी हो गयी, कितनी परसेंटेज है, अब आगे क्या कर रहे हो, रेगुलर कॉलेज ये नो-रेगुलर कॉलेज, कौन सा कोर्स अच्छा है, कहा से करें, कितना पैसा लगेगा, कितने दिन में होगा, इसमें करियर ऑप्शन क्या है ?

ये जो टाइम होता है ये लाइफ का बहुत ही इम्पोर्टेन्ट और डिसिशन मेकिंग टाइम होता है | यहाँ अगर अपने अच्छा डिसिशन लिया तो पूरी लाइफ टाइम कम्फर्ट जोन में रहेंगे और अगर अपने कोई गलत डिसिशन लिया तो आपकी लाइफ थोड़ी डिस्टर्ब रह सकती है | मैं आपको यही सलाह दूंगा की कोई भी फील्ड चुनने से पहले आप अपनी टैलेंट एंड स्ट्रेंथ के बारे में जान ले ताकि आपको अपनी गोल्स को या करियर को चुनने में हेल्प मिले |

अगर आप टैक्सेशन और अकाउंटिंग जैसे विषयों में दिलचस्पी रखते हैं तो चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनना आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। वैसे भारत में सीए बनना तो इतना आसान नहीं है जितना लगता है लेकिन अगर आप ईमानदारी से मन लगाके पढ़ेंगे तो आपको अच्छे CA बनने से कोई नहीं रोक सकता |

मेरे परिवार और दोस्तों में भी कई चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, यहां तक ​​कि मैंने भी बनने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सका।

कुछ साल पहले मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी कर रहा था, मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ शॉट दिया और IPCC  को पास किया और फिर मैंने किसी और कारण से बीच में ही कोर्स छोड़ने का फैसला किया।

हालांकि, परीक्षा की तैयारी के दौरान मैंने कुछ बेहतरीन चीजें सीखीं और मैं इस लेख के माध्यम से अपना अनुभव साझा करना चाहूंगा।

इस लेख में हम आपको बताएँगे की कैसे आप भी CA बन सकते है और उसके लिए क्या करना पड़ेगा |

फिर हम बताएँगे कोर्स विवरण, पाठ्यक्रम, योग्यता, संस्थान, शुल्क, वेतन |

What is CA? एक चार्टर्ड अकाउंटेंट क्या करता है और वे रेगुलर अकाउंटेंट से कैसे अलग हैं?

चार्टर्ड अकाउंटेंसी भारत में सबसे लोकप्रिय कैरियर विकल्पों में से एक रहा है। कंपनी के लाभ से कंपनी को सुचारू रूप से चलाने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की आवश्यकता पड़ती है। हर कंपनी को विभिन्न प्रकार के व्यापारिक लेखा-जोखा रखने के साथ ही, प्रोग्रेस के लिए रचनात्मक विचारों की आवश्यकता होती है। ऐसी सभी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की जरुरत पड़ती है।

यह पेशा आसान नहीं है, कोई भी चार्टर्ड अकाउंटेंट नहीं बन सकता है; यह एक प्रसिद्ध कॉलेज से एमबीए या स्नातक की डिग्री प्राप्त करने जैसा नहीं है। आप तभी प्रमाणित चार्टर्ड अकाउंटेंट बनेंगे जब आप ICAI या इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया नामक संस्था के सदस्य होंगे। एक प्रमाणित सीए के रूप में आपको वित्तीय प्रणालियों और बजटों के प्रबंधन, वित्तीय ऑडिट करने और वित्तीय सलाह देने जैसे कई काम करने होते हैं।

Chartered Accountant बनने की प्रक्रिया 

चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के लिए, आपको परीक्षणों की एक श्रृंखला को pass करने की आवश्यकता होगी, लेकिन परीक्षाओं के इन सेटों को लेने से पहले, आपको अपना बारहवीं उत्तीर्ण करना होगा।

यह उन परीक्षाओं की सूची है, जिन्हें आपको दिए गए क्रम में क्लियर करना है।

1.     सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए पंजीकरण करें। (पहले CPT या कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट के रूप में जाना जाता था)

2.     चार महीने के अध्ययन अवधि के बाद फाउंडेशन परीक्षा में दिखाई दें और फाउंडेशन पास करें।

3.     सीए इंटरमीडिएट के लिए रजिस्टर करें। (पहले आईपीसीसी या एकीकृत व्यावसायिक योग्यता पाठ्यक्रम के रूप में जाना जाता था)

4.     आठ महीने के अध्ययन की अवधि के बाद इंटरमीडिएट परीक्षा में दिखाई दें और इंटरमीडिएट के दोनों या एक ग्रुप में पास करें।

5.     प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शुरू करने से पहले 4 सप्ताह का ICITSS पूरा करें

6.     तीन साल के प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (पीटी) के लिए रजिस्टर करें

7.     इंटरमीडिएट के दोनों ग्रुप पास करने के बाद CA फाइनल कोर्स के लिए रजिस्टर करें

8.     पीटी के अंतिम 2 वर्षों में 4 सप्ताह के Advanced ICITSS को सफलतापूर्वक पूरा करें

9.     पीटी के अंतिम छह महीनों के दौरान और Advanced ICITSS के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अंतिम परीक्षा में दिखाई दें

10.  प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरा करे और  फाइनल परीक्षा क्वालिफाई करें

11.  ICAI के सदस्य बनें

1.सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए पंजीकरण करें। (पहले CPT या कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट के रूप में जाना जाता था)

अगर आप अभी अभी 12वी में प्रवेश किये है तो आपको तुरंत फाउंडेशन कोर्स के तैयारी शुरू कर देना चाहिए. 12वी एग्जाम में दाखला लेने के बाद आपको ICAI की ऑफिसियल वेबसाइट से 31 दिसंबर  एंड 30 जून से पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा. ये एक तरह का एंट्री लेवल टेस्ट है जो साल में 2 बार होता है मई/नवंबर महीने में. हलाकि एग्जाम में बैठने की अनुमति आपको 12वी पास होने के बाद ही मिलेगा |

2.चार महीने के अध्ययन अवधि के बाद फाउंडेशन परीक्षा में दिखाई दें और फाउंडेशन पास करें।

जैसे ही आप 12वी पास हो जाये आप फाउंडेशन एग्जाम दे पाएंगे | इस एग्जाम में टोटल 4 पेपर होते है |

  • Paper-1: Principles and Practice of Accounting
  • Paper-2: Business Laws and Business Correspondence and Reporting
  • Paper-3: Business Mathematics and Logical Reasoning & Statistics
  • Paper-4: Business Economics and Business and Commercial Knowledge

हर पेपर 100 मार्क्स का होता है और 3 घंटे का होता है. आपको हर पेपर  में कम से कम 40% मार्क्स लाना होगा और सारे पेपर का टोटल 50% ये उसे अधिक होना चाहिए तभी आप इस एग्जाम को क्लियर कर पाएंगे |

3. सीए इंटरमीडिएट के लिए रजिस्टर करें। (पहले आईपीसीसी या एकीकृत व्यावसायिक योग्यता पाठ्यक्रम के रूप में जाना जाता था)

ये CA बनने का दूसरा चरण है . फाउंडेशन एग्जाम पास करने के बाद आप इसमें रजिस्ट्रेशन ले सकते है. अगर आप ग्रेजुएट है तो आप बिना फाउंडेशन एग्जाम के डायरेक्टली इंटरमीडिएट कोर्स के रजिस्टर करा सकते है. इस कोर्स में भी रजिस्ट्रेशन साल में दो बार होती है |

4.आठ महीने के अध्ययन की अवधि के बाद इंटरमीडिएट परीक्षा में दिखाई दें और इंटरमीडिएट के दोनों या एक ग्रुप में पास करें।

इंटरमीडिएट कोर्स में 2 ग्रुप होते है और प्रत्येक ग्रुप में 4-4 पेपर होते है

  • Paper-1: Accounting
  • Paper-2: Corporate and Other Laws
  • Paper-3: Cost and Management Accounting
  • Paper-4: Taxation
  • Paper-5: Advanced Accounting
  • Paper-6: Auditing and Assurance
  • Paper-7: Enterprise Information Systems & Strategic Management
  • Paper-8: Financial Management & Economics for Finance

हर पेपर 100 मार्क्स का होता है और 3 घंटे का होता है. आपको हर पेपर  में कम से कम 40% मार्क्स लाना होगा और सारे पेपर का टोटल 50% ये उसे अधिक होना चाहिए तभी आप इस एग्जाम को क्लियर कर पाएंगे आप दोनों ग्रुप एक साथ या फिर अलग अलग भी क्लियर कर सकते है |

5. प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शुरू करने से पहले 4 सप्ताह का ICITSS पूरा करें

इंटरमीडिएट कोर्स में रजिस्ट्रेशन के बाद स्टेप आता है ICITSS प्रैक्टिकल ट्रेनिंग जो बहुत ही जरुरी है Articleship training स्टार्ट करने से पहले ICITSS ट्रेनिंग कम्पलीट करना बहुत जरुरी है |

6. तीन साल के प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (पीटी) के लिए रजिस्टर करें

जैसे ही इंटरमीडिएट कोर्स की पढ़ाई पूरी कर लेते है तो आपको 3 साल की आर्टिकलशिप ट्रेनिंग के लिए CA FIRM में अप्लाई करना होता है जिसके बाद ही आप का फाइनल कोर्स के लिए रजिस्टर कर सकेंगे. आर्टिकलशिप के दौरान कैंडिडेट अनुभवी सीए के अधीन यह सीखता है कि अकाउंटेंसी को कैसे हैंडल किया जाता है।

7. इंटरमीडिएट के दोनों ग्रुप पास करने के बाद CA फाइनल कोर्स के लिए रजिस्टर करें

ये CA बनने का अंतिम चरण है इंटेरेमेडिएट एग्जाम के दोनों ग्रुप पास करने के बाद आप इसमें रजिस्ट्रेशन ले सकते है |

8. पीटी के अंतिम 2 वर्षों में 4 सप्ताह के Advanced ICITSS को सफलतापूर्वक पूरा करें

इंटरमीडिएट कोर्स में रजिस्ट्रेशन के बाद स्टेप आता है Advanced ICITSS प्रक्टिकल ट्रेनिंग जो बहुत ही जरुरी है फाइनल एग्जाम में अपीयर करने के लिए. इससे आर्टिकल शिप ट्रेनिंग के अंतिम 2 साल के दौरान करना पड़ता है |

9. पीटी के अंतिम छह महीनों के दौरान और Advanced ICITSS के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अंतिम परीक्षा में दिखाई दें

फाइनल कोर्स में भी टोटल 2 ग्रुप होते है और दोनों 4-4 पेपर के होते है

  • Paper-1: Financial Reporting
  • Paper-2: Strategic Financial Management
  • Paper-3: Advanced Auditing and Professional Ethics
  • Paper-4: Corporate and Economic Laws
  • Paper-5: Strategic Cost Management and Performance Evaluation
  • Paper-6A: Risk Management
  • Paper-6B: Financial Services and Capital Markets
  • Paper-6C: International Taxation
  • Paper-6D: Economic Laws
  • Paper-6E: Global Financial Reporting Standards
  • Paper-6F: Multidisciplinary Case Study
  • Paper-7: Direct Tax Laws and International Taxation
  • Paper-8: Indirect Tax Laws

इंटरमीडिएट एग्जाम के जैसे इसमें भी हर पेपर 100 मार्क्स का होता है और 3 घंटे का होता है. आपको हर पेपर  में कम से कम 40% मार्क्स लाना होगा और सारे पेपर का टोटल 50% ये उसे अधिक होना चाहिए तभी आप इस एग्जाम को क्लियर कर पाएंगे |

आप एग्जाम में अपीयर आर्टिकल शिप ट्रेनिंग पूरी करने के बाद या फिर अंतिम 6 महीने में भी कर सकते है आप दोनों ग्रुप एक साथ या फिर अलग अलग भी क्लियर कर सकते है |

10. प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरा करे और  फाइनल परीक्षा क्वालिफाई करें

अपनी बची हुई ट्रेनिंग को पूरी कर ले अगर कम्पलीट होने से पहले ही एग्जाम दे चुके है तो  और  फाइनल परीक्षा क्वालिफाई करें |

11. ICAI के सदस्य बनें

फाइनल एग्जाम पास होने के बाद आईसीएआई के एक सदस्य के रूप में खुद को “चार्टर्ड एकाउंटेंट” के रूप में नामित करने के लिए नामांकन करें।

Q&A : CA कितने साल का कोर्स है ?

नवीनतम समाचार के अनुसार चार्टर्ड एकाउंटेंट के लिए कोर्स की अवधि अब सिर्फ साढ़े तीन साल है। पहले यह 5 साल और 3 महीने था लेकिन अब आईसीएआई ने कोर्स की अवधि को कम करने का फैसला किया है।यह उन छात्रों के लिए वास्तव में बहुत अच्छा है जो 10 + 2 के बाद पाठ्यक्रम में शामिल होना चाहते हैं।

Q&A :  CA कोर्स फीस कितनी होती है ?

पाठ्यक्रम शुल्क शहर से शहर और संस्थान से संस्थान पर निर्भर करता है। इसलिए हम आपको एक निश्चित राशि नहीं दे सकते हैं, लेकिन हम आपको एक अस्थायी राशि जरूर बता सकते है पूरी कम्पलीट कोर्स के लगभग 60,000-100,000 रूपये लग सकती है |

Q&A :  CA की सैलरी कितनी होती है ?

योग्यता और क्षमता के अनुसार चार्टर्ड अकाउंटेंट का वेतनमान बदलता रहता है। स्टार्टिंग में नई चार्टर्ड अकाउंटेंट को औसत स्तर पर 5 लाख से 7 लाख तक वार्षिक वेतनमान मिल जाता है और अनुभव के साथ ये दो साल में . 10 लाख से ज्यादा भी वार्षिक वेतनमान हो सकता है। वहीँ विदेशी कंपनी में 16 लाख से 22 लाख तक का वार्षिक वेतनमान हो सकता है।

मैं कहूंगा कि यदि आप वास्तव में रुचि रखते हैं तो सीए के लिए जाएं। आपको अकाउंटिंग और ऑडिटिंग पसंद है तो सीए आपके लिए है।अन्यथा आप इसे छोड़ सकते हैं और अन्य काम चुन सकते हैं। सोच समझ कर फैसला कीजिये |

आप चाहे तो स्नातक के बाद भी कोर्स शुरू कर सकते हैं।लेकिन अगर आप CA के बारे में गंभीर हैं, तो अपने स्नातक होने की प्रतीक्षा न करें, 10 + 2 के ठीक बाद ही कोर्स शुरू करें |

बिज़नेस कैसे शुरू करे | How to Start a Business in India (Hindi)

हममें से कई लोगों का सपना होता है कि हम अपना व्यवसाय करें। हम अपने खुद के मालिक बनना चाहते हैं। सभी किसी और के लिए काम करना पसंद नहीं करते। हम में से अधिकांश का सपना तो होता है, लेकिन हम किसी भी कदम को आगे बढ़ाने से डरते हैं। कुछ लोगों के पास शुरू करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। कुछ लोगों में विचारों की कमी होती है। कुछ लोगों में जोखिम लेने की हिम्मत नहीं होती और कुछ लोगों का सहायक परिवार नहीं होता है।

Tips to Start a Business

यदि आप भी भारत में लाभदायक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो आपको भारत में व्यवसाय शुरू करने से पहले कुछ बातों पर विचार करने की आवश्यकता है।

1.Business Ideas

एक छोटा व्यवसाय शुरू करने में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप क्या शुरू करना चाहते हैं? आपका बिजनेस आइडिया क्या है?

क्या आप सेवा आधारित कंपनी या उत्पाद शुरू करना चाहते हैं?

टारगेट ऑडियंस कौन होगा?

प्रतियोगी कौन होंगे?

व्यापार चलाने का क्या साधन होगा चाहे स्टोर, ऑनलाइन क्या इसके लिए कोई अंतरराष्ट्रीय गुंजाइश है?

हो सकता है अभी तक वह प्लान आपके दिमाग में ही चल रहा है परंतु जितना जल्दी हो सकता है उसे एक पेपर पर लिख लीजिए क्योंकि हम इंसानों का दिमाग किसी भी चीज को बहुत लंबे समय तक याद नहीं रख सकता.

2. Do your Research

अपनी विशेषज्ञता के अनुसार अपना छोटा व्यवसाय लॉन्च करें। याद रखें, आपके कौशल आपके व्यवसाय की सफलता तय करेंगे। यथासंभव व्यापार के कई गुर सीखने की कोशिश करें।

हालांकि, हमेशा याद रखें कि यदि आप अपने व्यवसाय को केंद्र में रखते हुए ग्राहकों के दर्द को ध्यान में रखते हुए शुरू नहीं कर रहे हैं, तो यह जल्द ही विफल होने का इरादा है।

इससे पहले कि आप अपने व्यवसाय में कोई पैसा या उच्च संसाधन डालें, आपको पहले उस विचार को वास्तविक तथ्यों और आंकड़ों के साथ सत्यापित करना होगा।

ढूंढने की कोशिश करो आपका लक्षित बाजार क्या होगा? आप किन ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं?

उस बाजार में पहले से कौन है? प्रतिस्पर्धा कितनी भयंकर है?

मुझे किस तरह के संसाधनों की आवश्यकता होगी? अगर मैं एक उत्पाद नहीं बना रहा हूं, तो आपूर्तिकर्ता कौन होगा ?

क्यों लोग आपको बाजार में पहले से मौजूद अन्य खिलाड़ियों के मुकाबले चुनेंगे।

ये सभी प्रश्न अपने आप से पूछें और आपके साथ निष्पक्ष रहें।

कई बार व्यवसाय शुरू करने की जल्दी में लोग इन आवश्यक चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं जो उन्हें भविष्य में विफल कर देती हैं।

3. Make a Plan

Business Location: किसी भी बिजनेस/व्यापार को शुरू करने के लिए एक अच्छे स्थान की जरूरत होती है, क्योंकि कोई भी बिजनेस, प्रोडक्ट या सर्विस तभी अच्छी चल पाती है जब उसकी बिजनेस लोकेशन बहुत अच्छी हो इसीलिए अपने कारोबार को शुरू करने से पहले एक सही स्थान सुनिश्चित करें. आप व्यवसाय कहाँ से करेंगे? क्या आप अपने घर से शुरुआत करेंगे या अपने व्यवसाय के लिए अलग से जगह लेंगे? आपके बिज़नेस के लिए कौनसी जगह सबसे अच्छी रहेगी?

Finance: आपको अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए शुरुआत में कितने रूपयों की जरूरत होगी ? आपकी वितीय जरूरतें कैसे पूरी होंगी? क्या आप business loan लेंगे, रिश्तेदारों और दोस्तों से लोन लेंगे या फिर खुद के पैसे से ही व्यवसाय शुरू करेंगे?

Business Name & Structure: आपका बिज़नेस नाम क्या रहेगा ? आपका बिज़नेस स्ट्रक्चर कैसे रहेगा? आप व्यवसाय कैसे शुरू करना चाहते है – एक कंपनी (Company) से शुरुआत करना चाहते है या फिर एक पार्टनरशिप फर्म (Partnership Firm) या फिर एकल व्यवसाय (Sole Proprietorship) के रूप? आपको व्यवसाय का सही रूप चुनना चाहिए। आपके लिए कौन सा सही है, यह विभिन्न कारकों के आधार पर भिन्न हो सकता है। आइए विभिन्न प्रकार के व्यवसाय पर एक नज़र डालें ताकि आप समझ सकें कि कौन सा आपके लिए सही है।

Sole Proprietorship : क्या आप अपना व्यवसाय अकेले चलाने की योजना बना रहे हैं? अगर हाँ तो यह व्यवसाय का सही रूप होगा जिसे आप पंजीकृत कर सकते हैं। जब आप छोटी शुरुआत करना चाहते हैं तो एकमात्र प्रोपराइटरशिप उपयुक्त है।

Partnership Firm : यदि आप अकेले अफोर्ट नहीं कर सकते हैं और किसी के साथ मिलकर एक कंपनी शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए यह परफेक्ट विकल्प होगा |

One Person Company : One Person Company में केवल एक Director होता है जो एकमात्र Shareholder होता है। एक One Person Company संरचना में उच्च लागत और  compliance requirement की जरुरत होती है जबकि Tax advantages सीमित होती हैं।

Private Limited Company: यदि आप investors और उद्यम पूंजीपतियों से धन प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं, तो बैंक ऋण ( Bank Loan) प्राप्त करने के लिए और शेयरधारकों (Shareholders) के लिए यह आपकी पसंद होनी चाहिए। एक निजी सीमित कंपनी वह है जिसमें शेयरधारक और मालिक केवल वित्तीय संकट के कारण अपने शेयरों के लिए उत्तरदायी होते हैं। दूसरे शब्दों में, वे अपनी व्यक्तिगत संपत्ति खोने के जोखिम में नहीं होंगे। निजी लिमिटेड कंपनी शुरू करने के लिए, आपको कम से कम 2 लोगों और अधिकतम 200 लोगों की आवश्यकता है। कंपनी अधिनियम भारत में निजी सीमित कंपनियों से संबंधित प्रावधान रखता है और ऐसी सभी संस्थाओं को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के साथ पंजीकृत होना आवश्यक है।

Limited Liability Partnership (LLP): पेशेवर और सलाहकार फर्मों को इक्विटी फंडिंग की आवश्यकता नहीं होती है, वे एलएलपी के रूप में पंजीकरण कर सकते हैं। एक निजी लिमिटेड कंपनी के विपरीत, एलएलपी लचीली भागीदारी का लाभ प्रदान करता है जिसमें भागीदार अपनी आंतरिक संरचना का चयन कर सकते हैं, और इसमें कम लागत के साथ कम अनुपालन आवश्यकताएं हैं। एलएलपी में, क्षेत्राधिकार के आधार पर भागीदारों के पास केवल सीमित देनदारियां हैं। एक एलएलपी में किसी भी संख्या में भागीदार हो सकते हैं, हालांकि, पंजीकरण के दौरान न्यूनतम दो भागीदारों की आवश्यकता होती है।

4. Make it Legal

जब आपने Structure पर निर्णय कर लिया है तो आपको व्यवसाय को पंजीकृत करने की आवश्यकता होगी। पंजीकरण प्रक्रिया entity के प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकती है

यदि आप partner ship firm खोलना चाहते हैं तो आपको Partnership Deed बनवाना पड़ेगा

यदि आप Private Limited Company  खोलना चाहते हैं तो आपको ROC में रेजिस्टर्ड करना पड़ेगा

इसके अलावा Digital Signature certificate के लिए आवेदन करें

कंपनी का नाम उपलब्धता की जाँच करें

पैन (स्थायी खाता संख्या) और GST के लिए आवेदन करें

एक Current bank account खोलें

Trade Licence के लिए आवेदन करें

5. Get Govt. Registration and other Licenses

पंजीकृत व्यवसाय चलाने के लिए आवश्यक सभी सरकारी पंजीकरण और लाइसेंस व्यवसाय, क्षेत्र या उद्योग, इकाई प्रकार, कर्मचारियों की संख्या, आदि के आधार पर भिन्न होते हैं।

Trade licence: एक व्यापार लाइसेंस एक दस्तावेज / प्रमाण पत्र है जो आवेदक (किसी व्यवसाय को खोलने के लिए इच्छुक व्यक्ति) को किसी विशेष क्षेत्र / स्थान पर एक विशेष व्यापार या व्यवसाय शुरू करने की अनुमति देता है। हालाँकि, लाइसेंस धारक को जारी किए जाने की तुलना में किसी अन्य व्यापार या व्यवसाय के लिए अनुमति नहीं देता है। इसके अलावा, यह लाइसेंस लाइसेंस धारक के लिए किसी भी प्रकार की संपत्ति के स्वामित्व पर पारित नहीं होता है।

Shop and Establishment: यह दुकानों,  रेस्तरां,  सिनेमाघरों आदि के लिए एक लाइसेंस अपेक्षित है। अधिनियम कर्मचारियों की कार्य अवधि, अवकाश, वेतन का भुगतान, स्वास्थ्य और सुरक्षा उपायों आदि की संख्या के संबंध में काम की शर्तों को नियंत्रित करता है।

Goods and Service Tax: जीएसटी उन सभी कंपनियों के लिए अनिवार्य है, जिनका टर्नओवर “विशेष श्रेणी” के तहत राज्यों के लिए 40 लाख और 20 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा, टर्नओवर की परवाह किए बिना माल की गहन आपूर्ति में शामिल व्यवसायों के लिए जीएसटी पंजीकरण अनिवार्य है।

Tax Deducted at Source:  TDS के लिए TAN पंजीकरण अनिवार्य है। इसलिए, कर्मचारियों को काम पर रखने या कुछ ग्राहकों या विक्रेताओं के साथ व्यवहार करते समय टैन पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है।

EPF: यदि व्यवसाय 10 या अधिक व्यक्तियों को रोजगार देता है और सरकार द्वारा अधिसूचित उद्योगों में से किसी एक में लगा हुआ है, तो व्यवसाय को कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत पंजीकृत होना आवश्यक है।

ESI: ईएसआई पंजीकरण अनिवार्य होगा जब व्यवसाय में कर्मचारियों की संख्या 20 पार हो जाती है। ईएसआई पंजीकरण का प्रमाण अक्सर उन व्यवसायों द्वारा अनुरोध किया जाता है जो manpower आवश्यकताओं को आउटसोर्स करते हैं।

उपर्युक्त पंजीकरण और लाइसेंस केवल उदाहरण हैं।

6. Start Your Business

वितीय जरूरतों और  संसाधनों का इंतजाम करने के बाद अपने व्यवसाय को शुरू करने की और कदम बढ़ाएं|

धीरे धीरे अपने व्यवसाय के लिए सभी संसाधनों का इंतजाम करें और बिजनेस प्लान को उपयोग में लाये |

इस दौरान आपको अपना शत-प्रतिशत कौशल दिखाना होगा, ताकि आप अपने सर्विस के प्रति लोगों में भरोसा कायम कर सकें। तभी आप अपनी सफलता की कहानी शुरू कर सकते हैं।

किसी भी कारोबार को बड़ा करने के लिए बढ़ाने के लिए भविष्य के लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं, फ्यूचर के लिए गोल सेट किए जाते हैं कि हमें अगले महीने या हमें अगले 6 महीने, या अगले 2 साल में अपने बिजनेस को कहां ले जाना है हमें क्या अचीव करना है.

आप भी इस तरह के कुछ लक्ष्य निर्धारित करें अपने बिजनेस के लिए और उसी के हिसाब से काम करना शुरु कर दें.

दोस्तों, यह पोस्ट आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं यदि आपका कोई सवाल है तो भी कमेंट करके पूछ सकते हैं हम पूरी कोशिश करेंगे आपके सवाल का जवाब देने की.  यह पोस्ट उपयोगी लगे तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साझा करें खासतौर पर उनके साथ जो अपना कोई काम शुर करने जा रहे हैं। धन्यवाद

घर बैठे पैसे कमाने के आसान तरीके | How to earn money online

दोस्तों, 21वी. सदी में सब कुछ बदल रहा है , कमाने के तरीके बदल रहे हैं

आज हम आपके लिए ऐसे business ideas लेकर आया हूँ जिसका आज भी स्कोप है और यह भविष्य में भी स्कोप रहेगा

आप चाहे स्टूडेंट हैं, हाउसवाइफ हैं , आप आलरेडी कमा रहे है लेकिन एक साइड-इनकम चाह रहे हैं,

पार्ट टाइम इनकम चाह रहे हैं, या फिर आप पढ़ाई पूरी कर चुके है और opportunities  की wait कर रहे हैं.

आज भी “how to earn money online” यह Topic Google पर सबसे ज्यादा search किया जाता है। आपने भी बहुत बार search किया होगा  “Online earn money at home Hindi”

 दोस्तों, जिस दमदार concept की हम बात कर रहे हैं वो है Affiliate marketing

Amazon, Flipkart और हजारो ऐसी companies अपनी मार्केटिंग affiliate marketing  के द्वारा ही करती है.

अब बात ये है की हम इससे कैसे फायदा ले सकते है,

पहले हम ये समझते है

Affiliate Marketing  होता क्या है ?

दोस्तों affiliate marketing  में 3 parties involve होते है.

  • Merchants  यानि की जिसके पास प्रोडक्ट होते है जैसे कि Amazon, Flipkart, Snapdeal
  • Affiliate यानि की आप, जिसके द्वारा मर्चेंट्स अपने प्रोडक्ट
  • Customers को बेचते है

जैसे जब कोई salesman किसी store में कोई सामान बेचता है तो उसे incentive यानी Commission मिलता है उसी प्रकार जब आप किसी कंपनी के affiliate program को join करते है तो आपको उस website के हर product को बेचने का commission दिया जाता है।

अब ये पूरी चेन कैसे काम करती हैं, लोग इसमें से लाखों रूपये हर महीने कैसे कमाते हैं, कैसे आप भी इसमें से लाखों  कमा सकते है

Affiliate marketing का स्कोप क्यों है, क्यों ये एक इम्पोर्टेन्ट करियर है

क्या आपको पता है अभी लगभग 46 करोड़ internet users हैं हमारे देश में, और आने वाले लगभग 1-2 साल में इसकी संख्या 60-70 करोड़ हो जाएगी.

मतलब जो G7 countries होती है यानि दुनिया की सात सबसे बड़ी इकॉनमी. उन सात बड़ी इकॉनमी की जो टोटल पापुलेशन हैं उनसे ज्यादा हमारे इंटरनेट यूजर होंगे.

दोस्तों जैसे जैसे internet users बढ़ रहे है जाहिर सी बात है वैसे वैसे इ-कॉमर्स बढ़ रहे है और इ-कॉमर्स का 15-20% सेल एफिलिएट मार्केटिंग के द्वारा होता है यानि जो 2016 में 700 करोड़ की इंडस्ट्री थी एफिलिएट मार्केटिंग की वो 2021 में 6000 करोड़ की हो जाएगी

ये ग्रोइंग बिज़नेस है, दुकानों में मंदा चल रहा है डिजिटल में धंधा चल रहा है, दुकानें बंद हो रही है लोगो की दुकाने डिजिटल शिफ्ट हो रही है. लोग घर बैठे पैसा कमा रहे हैं

आज हर कंपनी एफिलिएट पे आ रही है

जितनी भी कम्पनीज है flipkart, Amazon, Snapdeal सब Affiliate कर रही है

ट्रेवल साइट्स makemytrip, yatra.com, oyo, कई साइट्स एफिलिएट कर रही है

हेल्थ साइट्स , बैंक साइट्स मैट्रिमोनियल साइट्स, पालिसी बाजार, ये भी एफिलिएट मार्केटिंग के थ्रू चल रही है

कूपन साइट्स, groupon ये सब एफिलिएट कर रही है

500 रूपये से लेकर 500000 महीना आलरेडी लोग कमा रहे है

दोस्तों अब आप डी-साइड करो आपको करना है या मौके को गवाना है

Affiliate Marketing कैसे करें– How to Start affiliate marketing

Step-1 आप सबसे पहले केटेगरी सेलेक्ट करे (niche) जैसे की आपका पैशन किस में हैं   Books, Fashion, Electronics, Health, Apps, Education

Step-2 एफिलिएट / एफिलिएट नेटवर्क के रूप में रजिस्टर करें | सारे मर्चेंट्स आपको यहीं मिल जायेंगे आपको अलग अलग मर्चेंट्स के साथ रजिस्टर नहीं करना पड़ेगा जब आप इसके एफिलिएट मार्केटर बन जाते हो तब आपके पास ऑप्शन बन जाती है किसी भी प्रोडक्ट का link generate करने की जिसके थ्रू आप इस प्रोडक्ट को बेच सकते हो.

Step-3 How to sell? अब सबसे बड़ा सवाल आता है कि product sell कैसे करें। क्योंकि इसके लिए आपको product का promotion करना पड़ता है। जिस वह ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुच सके और आप उस product को बेच सके। इसलिए अब हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने वाले है जिसे आप affiliate marketing कर सकते है।

लोगो तक अपने प्रोडक्ट को पहुँचाने के बहुत सारे तरीके है, जैसे की साइट बनाना, ब्लॉग लिखना, सोशल मीडिया के द्वारा, यूट्यूब, फेसबुक , sms, व्हाट्सप्प , ईमेल के द्वारा.

लेकिन मै आपको suggest करूँगा आप अपनी वेबसाइट बनाइये साइट्स बनाना कोई मुश्किल चीज़ नहीं है , बहुत आसान है, क्यूंकि अगर आप अपनी साइट्स बना ली तो आप अपनी सोशल मीडिया को लिंक कर पाओगे आप ईमेल लिस्ट भी कर पाओगे आप व्हाट्सप्प मार्केटिंग भी कर पाओगे.